छत्तीसगढ़ 12वीं हिंदी परीक्षा फिर शुरू, कड़ी सुरक्षा में परीक्षा आयोजित
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छत्तीसगढ़ में 12वीं हिंदी परीक्षा दोबारा आयोजित, पेपर लीक के बाद कड़े सुरक्षा इंतजाम लागू किए गए।
परीक्षा केंद्रों पर CCTV और अधिकारियों की सख्त निगरानी, पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
Raipur/ छत्तीसगढ़ में 12वीं कक्षा की हिंदी परीक्षा एक बार फिर से आयोजित की जा रही है, जिसे लेकर छात्रों और प्रशासन दोनों में विशेष सतर्कता देखी जा रही है। यह परीक्षा पहले पेपर लीक की घटना के चलते रद्द कर दी गई थी, जिसके बाद अब इसे पूरी तरह नई और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के साथ आयोजित किया जा रहा है।
राज्य के लाखों विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। अकेले कोरबा जिले में ही 9,516 परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित हुए हैं। परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक निर्धारित किया गया है।
इस बार परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक मजबूत बनाया गया है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने प्रश्न पत्रों की सुरक्षा के लिए GPS आधारित लॉक सिस्टम और वन टाइम लॉक तकनीक का उपयोग किया है। प्रश्न पत्रों को विशेष GPS लॉक वाले कंटेनरों में सुरक्षित रखा गया है, जिन्हें केवल अधिकृत अधिकारियों की निगरानी में ही खोला जा सकता है।
सभी गोपनीय सामग्री को समन्वय केंद्रों तक पहुंचाने के दौरान वीडियो कॉल और लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें पार्टी ऑफिसर, नोडल अधिकारी और केंद्र प्रभारी की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। इसके अलावा पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की जा रही है ताकि हर गतिविधि का रिकॉर्ड सुरक्षित रहे।
परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ा दी गई है और केंद्राध्यक्षों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परीक्षा समाप्त होने के बाद उपयोग किए गए सभी लॉक और सुरक्षा उपकरणों को जिला शिक्षा कार्यालय में जमा करना अनिवार्य किया गया है।
गौरतलब है कि 14 मार्च को आयोजित हिंदी परीक्षा पेपर लीक होने के कारण रद्द कर दी गई थी। जांच में सामने आया था कि परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद बोर्ड ने सख्त कदम उठाते हुए परीक्षा निरस्त की थी।
इस बार बोर्ड ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए तकनीक और प्रशासनिक सख्ती का सहारा लिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना है।